जो लडकियाँ लव के चक्कर में पड़कर अपने माँ-बाप को छोड़कर घर से भाग जाती हैं मैं उन लडकियों के लिए कुछ कहना चाहूगा
जो लडकियाँ लव के चक्कर में पड़कर अपने माँ-बाप को छोड़कर घर से भाग जाती हैं मैं उन लडकियों के लिए कुछ कहना चाहूगा बाबुल की बगिया में जब तू, बनके कली खिली, तुमको क्या मालूम की, उनको कितनी खुशी मिली उस बाबुल को मार के ठोकर, घर से भाग जाती हो, जिसका प्यारा हाथ पकड़ कर, तुम पहली बार चली तूने निष्ठुर बन भाई की, राखी को कैसे भुलाया, घर से भागते वक़्त माँ का, आँचल याद न आया तेरे गम में बाप हलक से, ...