मैं तुमको विश्वास दूं तुम मुझको विश्वास दो 2 शंकाओं के
मैं तुमको विश्वास दूं तुम मुझको विश्वास दो 2
शंकाओं के सागर तैर जाएंगे
इस धरती को मिलकर हम स्वर्ग बनाएंगे
मैं तुमको००००००० 2
प्रेम बिना यह जीवन तो अनजाना है
सब अपना है कौन यहां बेगाना है
हर पल अपना अर्थ वान हो जाएगा
बस थोड़ा सा मन में प्यार जगाना है
इस जीवन को साज दो,मौन नहीं आवाज दो
पाषाणों में मीठी प्यास जगायेंगे
इस धरती को मिलकर स्वर्ग बनाएंगे
मैं तुमको००००००००2
अलगावो से आग सुलगने लगती है
उपवन की हर साख झुलसने लगती है
घर आंगन में सिर्फ सिसकियां उठती है
संबंधों की सांस उधडने लगती है
देष भाव को त्याग दो ,मौन नहीं आवाज दो ०2
शंकाओं के सागर हम तैर जाएंगे
इस धरती को मिलकर हम स्वर्ग बनाएंगे
मैं तुमको ०००००००००2
ढूंढ सके तो इस मिट्टी में सोना है
हिम्मत का हथियार नहीं बस खोना है
मुस्का दो तो हर मौसम मस्ताना है
बीत गया सो समय उसे क्यों रोना है
लो हाथों में हाथ लो एक दूजे का साथ दो
इस धरती का सोया प्यार जगायेंगे
धरती को मिलकर हम स्वर्ग बनाएंगे
मैं तुमको००००००००2
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